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हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के घरेलू उपचार कà¥à¤¯à¤¾ है ?
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–त घरेलू उपचार है।
मसाज करने से हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव करना – पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में मसाज करने से बहà¥à¤¤ अधिक आराम मिलता है। मसाज करने से हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ को कà¥à¤› हद तक ठीक कर सकते है। मसाज करने से पेट की मांसपेशिया मजबूत होती है। अगर आप खà¥à¤¦ से मसाज करने वाले है तो सीधे बल लेट जाà¤à¤‚ और अपनी उंगलियों को छाती के निचे से मालिश करना शà¥à¤°à¥‚ करे इसमें निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लगाकर करे। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पांच मिनट सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को करे।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना – अगर आप हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित है, तो अपने आहार पर खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत है। आपको à¤à¤¸à¥‡ पदारà¥à¤¥ का सेवन नहीं करना है जो लकà¥à¤·à¤£à¥‹ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देते है। अपने शरीर का वजन अधिक न बà¥à¤¨à¥‡ दे। आपको अपने आहार में निमà¥à¤¨ बदलाव करने पड़ सकते है। आहार में साबà¥à¤¤ अनाज शामिल करें। à¤à¥‹à¤œà¤¨ में जैतून के तेल व नटà¥à¤¸ को खाà¤à¤‚, मिट में पतला मिट खाà¤à¤‚ और मसालेदार मिट न खाà¤à¤‚। इसके अलावा हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨ करने वाले आहार से बचे, जैसे पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, लहसà¥à¤¨, तला खाना, मसालेदार खाना, साइटà¥à¤°à¤¿à¤• फल, चॉकलेट, कैफीन आदि।
बेकिंग सोडा का उपयोग – सà¤à¥€ के रसोइयो में आराम से बेकिंग सोडा मिल जाता है। जैसा की आपको पता है बेकिंग सोडा में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से à¤à¤‚टासीट होता है। ये हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करने में मदद करता है। इसका उपयोग करने के लिठà¤à¤• या आधा चमà¥à¤®à¤š बेकिंग सोडा को गà¥à¤²à¤¾à¤¸ में मिला ले। इस तैयार मिशà¥à¤°à¤£ को पीले। अगर आपको जब जरà¥à¤°à¤¤ हो तà¤à¥€ पी अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पीने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करे।
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ रस – à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से बहà¥à¤¤ से औषधीय गà¥à¤£ मौजूद होता है। हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठà¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ के रस अधिक फायदेमंद माना जाता है। यह आंत को साफ करने में बेहतर होता है। पेट के निचले छेतà¥à¤° में होने वाले दरà¥à¤¦ को कम करता है। इसके अलावा सूजन व हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करता है। खाना खाने के पहले à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का रस पी ले।
कैमोमाइल चाय – कैमोमाइल को सूजन विरोधी कहा जाता है। इसमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से सूजन कम करने का गà¥à¤£ होता है। यह पेट के दरà¥à¤¦ को कम करता है व हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨ का उपचार करता है। इसके अलावा पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की मांसपेशियो को आराम पहà¥à¤‚चाता है। कैमोमाइल चाय बनाने के लिठà¤à¤• कप पानी में कैमोमाइल को उबलने के लिठरख दे। उबलने के बाद छान कर पी ले अगर सà¥à¤µà¤¾à¤¦ अचà¥à¤›à¤¾ बनाना चाहते है तो थोड़ा शहद मिला ले। पà¥à¤°à¥‡ दिन इस चाय तीन से चार बार पीये।
गरà¥à¤® पानी हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को दूर करे – सà¥à¤¬à¤¹ उठने पर गरà¥à¤® पानी पीने से व वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने डायफà¥à¤°à¤¾à¤® को निचे लाने में मदद मिलता है। इसके लिठआपको कà¥à¤› बातो पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना है। जैसे की आप रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ उठते है तो à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी पीये। इससे पेट की मांसपेशियो व डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® को आराम मिलता है।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने के लिठखड़े हो जाये और अपनी बाजà¥à¤“ं को सीधा करे और सीने की तरफ धीरे धीरे जाये। इससे डायफà¥à¤°à¤¾à¤® के निचे जाने व छिदà¥à¤°à¥‹ को खà¥à¤²à¤¨à¥‡ में आसानी होगी।
अपने हाथो को ऊपर कर मà¥à¤à¤¹ खोले और लंबी सांस 15 सेकंड तक ले। हाफने से डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® सखà¥à¤¤ होने लगता है और छिदà¥à¤° बंद होने में मदद मिलता है। (
सेब का सिरका – सेब का सिरका में शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होता है। ये कई तरह की बीमारियों को ठीक मदद करता है। किंतॠहरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹ को कम करने में बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। यह हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨ व à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करता है। जैसा की आपको मालूम है सेब के सिरके में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• होता है। यह शरीर अलà¥à¤•ाइन का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ करता है। सेब के सिरके को उपयोग करने के लिठà¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ गरà¥à¤® पानी ले उसमे à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š सिरका मिलाकर पीले। यदि आपके सीने में जलन व à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो तो ही सेब का सिरका पीये। (और पà¥à¥‡ – सेब के सिरके के फायदे और नà¥à¤•सान)
दालचीनी का उपयोग – दालचीनी à¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ घरेलू उपचार माना जाता है। ये पेट से जà¥à¤¡à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करने में काफी फायदेमंद होता है। वैसे दालचीनी मसालों में काफी पसंद किया जाता है। पेट के निचले दरà¥à¤¦, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€, पेट फूलने, खाना खाने के बाद डकार की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करता है। इसमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से à¤à¤‚टासीट होता है। दालचीनी का पाउडर का उपयोग करने के लिठà¤à¤• कप गरà¥à¤® पानी ले, उसमे दालचीनी पाउडर को मिला ले, इसे गरà¥à¤® चाय की तरह पी सकते है। पà¥à¤°à¥‡ दिन में कम से कम तीन बार पीये। इसके अलावा अपने आहार में दालचीनी का उपयोग जरूर करें।
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